ज़िन्दगी
कश्मकश, ज़िन्दगी,
अजीब शख्स, ज़िन्दगी..
अजीब शख्स, ज़िन्दगी..
कभी धुआं है, ज़िन्दगी,
कभी है अक्स, ज़िन्दगी..
कभी बवाल, ज़िन्दगी,
कभी करार, ज़िन्दगी..
करे सवाल, ज़िन्दगी,
रहे सवाल, ज़िन्दगी..
कभी अकेली, ज़िन्दगी,
कभी सहेली, ज़िन्दगी..
कभी है प्यास, ज़िन्दगी,
कभी बरसात, ज़िन्दगी..
कभी है ठाठ, ज़िन्दगी,
कभी फुटपाथ, ज़िन्दगी..
कभी जवां, है ज़िन्दगी,
कभी फ़ना, है ज़िन्दगी..
कभी रुकी, है ज़िन्दगी,
कभी रवाँ, है ज़िन्दगी..
पहेली है, ये ज़िन्दगी,
तू ही बुझा, ऐ ज़िन्दगी..
उम्मीद पे, मेरी खरी,
कभी उतर, ऐ ज़िन्दगी..
- सत्यदेव - मेघ
करे सवाल रहे सवाल... सही है और आखिरी लाइन एकदम मस्त !
ReplyDeleteHa last line bahot achhi ban padi hai :) thanks
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