चलचित्र
ये जीवन मुझे, सारा अपना...
चलचित्र सा है नज़र आता..
अभिनेता नहीं उसमें, स्वयं को,
हूँ मूक दर्शक सा मैं नज़र आता..
चलचित्र सा है नज़र आता..
अभिनेता नहीं उसमें, स्वयं को,
हूँ मूक दर्शक सा मैं नज़र आता..
होना था जो, वही है हुआ,
मैं कितना भी जतन करता
उम्मीदों की, नाव में बैठा,
चाहे, जितना भी भ्रमण करता..
मर्ज़ी से, आते नहीं जग में,
न अपनी, मर्ज़ी से हम जाते,
जीवन का ये भेद जानकर
फिर क्यों हम अहम् जगाते..
ये जीवन मुझे, सारा अपना...
चलचित्र सा है नज़र आता..
अभिनेता नहीं उसमें, स्वयं को,
हूँ मूक दर्शक सा मैं नज़र आता..
चलचित्र सा है नज़र आता..
अभिनेता नहीं उसमें, स्वयं को,
हूँ मूक दर्शक सा मैं नज़र आता..
- सत्यदेव - मेघ
Haan....humare haath mein hai woh karte rahe! - karma. Aur Baaki to it's all God's plans for each an every one!
ReplyDeleteTrue true. Man can try. Then its God's turn. Man proposes, God disposes.
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