दरवाज़ा

रिश्तों के मौसम, जब सर्द हों
थोड़ी गर्माहट, फिर भी रहे, 
तो अच्छा है..

बातों की, जब गुंजाईश न हो, 
दिलों में फिर भी, दुआ रहे, 
तो अच्छा है..

क्या पता, कोई अपना, कब दस्तक दे जाये, 
बंद दरवाज़ा, थोड़ा खुला रहे, 
तो अच्छा है..

- सत्यदेव - मेघ

Comments

  1. बहुत खूब !!!
    ऑफिस का काम, चाहे कितना भी हो,
    कभी कभी कुछ लम्हे चुराकर
    आप यूं ही शब्दों की चंद बूंदे बरसाते रहे
    तो अच्छा है :)

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